Computer in Hindi, What is Computer in Hindi, Computer Kya Hai

कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi? – Definition and Parts of Computer

Contents

कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi? : कंप्यूटर नाम से हर कोई अच्छी तरह वाकिफ है। कंप्यूटर के आविष्कार (Invention of Computer) ने आज पूरे विश्व की काया पलट कर रख दी है। इसके आने के बाद हमारी Physical Life पूरी तरह बदल गयी है।

इसलिए Computer Ke Baare Mein हमारे जानने की जिज्ञासा और भी बढ़ जाती है। इसलिए आज के इस पोस्ट में हम कंप्यूटर से सम्बंधित सभी Term को हिंदी में (Computer in Hindi) जानेंगे।

So, आइए आज के इस आर्टिकल में हम जानने की कोशिश करते हैं, कि

  1. कंप्यूटर क्या है – What is Computer in Hindi?
  2. कंप्यूटर का Full Form क्या होता है? Full Form of Computer in Hindi.
  3. कंप्यूटर कितने प्रकार का होता है – Types of Computer in Hindi?
  4. कंप्यूटर कैसे काम करता है – How to Work Computer?
  5. कंप्यूटर का इतिहास – History of Computer in Hindi
  6. कंप्यूटर की पीढ़ियां – Generation of Computer in Hindi
  7. कंप्यूटर के पार्ट्स – Parts of Computer in Hindi
  8. कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्या होता है? Hardware and Software of Computer in Hindi.
  9. कंप्यूटर के फायदे और नुकसान। Advantages and Disadvantages of Computer

Computer क्या है? What is Computer in Hindi?

Computer Kya Hai, What is Computer in Hindi

कंप्यूटर का हिंदी नाम (Computer Meaning in Hindi) होता है : संगणक या परिकलक

Computer शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के “Compute” शब्द से हुआ है। जिसका अर्थ होता है: गणना। इसलिए अगर हम कंप्यूटर को गणना करने वाली मशीन कहे तो इसमें कोई बुराई नहीं होगा।

कंप्यूटर की परिभाषा । Definition of Computer in Hindi

अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो कंप्यूटर एक ऐसा Electronic Device है, जो Input के रूप में Data को लेकर उसे Process करके Output के रूप में हमें देता है। उसे ही कंप्यूटर कहा जाता है।

वैसे तो कंप्यूटर को संगणक अर्थात् गणना करने वाली मशीन कहा जाता है। But, आज कंप्यूटर का उपयोग (Uses of Computer in Hindi)  ना सिर्फ गणना करने के लिए रह गया है,

बल्कि इसका क्षेत्र काफी विस्तार (Expand) हो चुका है। Computer Ka Upyog आज कॉलेज, ऑफिस, हॉस्पिटल, रिसर्च सेंटर सहित छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े संस्थानों में होता है।

कंप्यूटर का फुल फॉर्म । Full Form of Computer in Hindi

Technically तौर पर वैसे तो कंप्यूटर का कोई भी फुल फॉर्म नहीं होता है। But, Basically Computer के इस Full Form को ज्यादा यूज किया जाता है।

C : Commonly (आमतौर पर)
O : Operated (संचालित)
M : Machine (मशीन)
P : Particularly (विशेष रूप से)
U : Used for (के लिए इस्तेमाल होता है)
T : Technical and (तकनीकी रूप से और)
E : Educational (शिक्षात्मक)
R : Research (अनुसंधान)

अगर इसके Hindi Meaning को Arrange किया जाए तो कंप्यूटर का अर्थ (Meaning of Computer in Hindi) अर्थ होगा-

आमतौर पर संचालित किया जाने वाला ऐसा मशीन जिसका इस्तेमाल विशेष रूप से तकनीकी, शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र के लिए होता है, उसे कंप्यूटर कहते है।

उपयोग के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार (Types of Computer on the Basis of Uses)

इस आधार पर कंप्यूटर को मुख्यतः तीन भागों में विभक्त किया गया है।

  1. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)
  2. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)
  3. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

01. एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer)

इस प्रकार के कंप्यूटर का इस्तेमाल लंबाई (Length), चौड़ाई (Breadth), गति (Speed), दाब (Pressure), वोल्टेज (Voltage), प्रतिरोध (Resistance), वजन (Weight) और तापमान (Temperature) जैसे भौतिक मात्राओं का मापने के लिए करते हैं। ये कंप्यूटर इस प्रकार के भौतिक मात्राओं के परिमाण को माप कर हमारे सामने अंकों में प्रदर्शित करते हैं।

उदाहरण के लिए –

  1. थर्मामीटर : जो तापमान को माप कर उसके परिमाण को °F या °C में हमारे सामने प्रदर्शित करता है।
  2. जब हम अपनी गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए किसी पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो पेट्रोल पंप में कीमत और लीटर (परिमाण) को प्रदर्शित करने वाला कंप्यूटर एक एनालॉग कंप्यूटर ही है।

इसका उपयोग

इस तरह के कंप्यूटर का उपयोग मुख्यतः इंजीनियरिंग और अनुसंधान के क्षेत्रों में अधिक किया जाता है।

02. डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer)

इस प्रकार के कंप्यूटर Binary Number System के आधार पर कार्य करता है। मतलब जिस कंप्यूटर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में अंकों की गणना करने के लिए करते हैं, उसे ही डिजिटल कंप्यूटर कहा जाता है।

यह कंप्यूटर 0 और 1 के आधार पर कार्य करता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से बैंकिंग, व्यापार, शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा होता है।

03. हाइब्रिड कंप्यूटर (Hybrid Computer)

इस प्रकार का कंप्यूटर एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल कंप्यूटर दोनों का Combination होता है। मतलब इस कंप्यूटर से हम भौतिक मात्राओं का मापन भी कर सकते हैं और किसी भी डिजिट को जोड़ने, घटाने आदि का काम कर सकते हैं।

इस प्रकार के कंप्यूटर का उपयोग ज्यादातर चिकित्सा के क्षेत्रों में क्या जाता है।

उदाहरण के लिए-

डिजिटल थर्मामीटर आपके शरीर के तापमान को मापता है, जो एनालॉग कंप्यूटर का काम होता है और उसे अंकों के रूप में हमारे सामने प्रदर्शित करता है, जो डिजिटल कंप्यूटर का काम होता है।

कंप्यूटर कैसे काम करता है? How to Work Computer in Hindi?

कंप्यूटर की कार्य प्रणाली को हम आपको नीचे दिए गए 3-Steps में समझाने की कोशिश करते हैं।

Input Device -> Processing -> Output Device

  • Step : 1

Input Device : इनपुट डिवाइस (Keyboard, Mouse) कि मदद से हम किसी भी प्रकार की Information को कंप्यूटर में डालते हैं। यह इंफॉर्मेशन कुछ भी हो सकता है।

जैसे : ऑडियो, वीडियो, Images लैटर आदि।

  • Step : 2

Processing : इस Step कंप्यूटर इनपुट डिवाइस की मदद से डाले गए इंफॉर्मेशन या डाटा को Internally Processing करता है।

  • Step : 3

Output Device : इस Step में Computer आपके द्वारा इनपुट डिवाइस की मदद से दिए गए डाटा को प्रोसेसिंग करके उसे Output डिवाइस की मदद से आपके सामने प्रदर्शित करता है।

उदाहरण के लिए-

जब आप कंप्यूटर को इनपुट डिवाइस की मदद से Song Play करने का निर्देश देते है, तो कंप्यूटर आपके द्वारा दिए गए डाटा को प्रोसेस करके उसे स्पीकर के माध्यम से उस Song को हमें सुनाता है। इस तरह स्पीकर एक आउटपुट डिवाइस हो गया।

Some Major Output Device-

Monitor, Printer, Speakers, Projector आदि।

कंप्यूटर का इतिहास । History of Computer in Hindi

ऐसा अनुमान लगाया जाता है, कि कंप्यूटर का आविष्कार (Computer Ka Avishkar) आज से 2000 से 3000 वर्ष पहले हो चुका था।

अगर आप Computer के इतिहास को खंगालने की कोशिश करें, तो आप पाएंगे कि गणितीय गणना मानव के लिए शुरुआत से ही एक कठिन समस्या रहा है। और जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे-वैसे मनुष्य को एक ऐसे गैजेट की आवश्यकता महसूस होने लगी जिससे वे गणितीय गणना को आसानी से हल कर सके।

Abacus

इसी दौरान चीन में Abacus नाम का एक Calculation मशीन का आविष्कार हुआ। जिससे गणितीय गणना को एक नई दिशा मिली ।
Abacus एक प्रकार के तारों का Frame था। जिसमें तारों के बीच बीड (पकी हुई मिट्टी के गोले) पिरोए जाते थे। शुरुआती दौर में इस मशीन का सबसे ज्यादा उपयोग व्यापारी अंको को जोड़ने, घटाने, गुना करने तथा भाग करने के लिए किया करते थे।

Pascal

Abacus के आविष्कार के बाद गणितीय गणना करने वाली मशीन के आविष्कार का दौर शुरू हो चुका था। और इसी दौरान कई गणना करने वाली यांत्रिक मशीनों का विकास हुआ।

लेकिन सन 1645 ईसवी में फ्रांस के एक गणितज्ञ ब्लेज पास्कल (Baize Pascal) ने एक ऐसे Digital Calculator का आविष्कार किया, जो केवल अंको को जोड़ने और घटाने का काम आता था।

यह डिजिटल कैलकुलेटर घड़ी और ऑडोमीटर के सिद्धांत पर काम करती था। इसमें एक तरह की दांतेयुक्त चकरियाँ लगी हुई होती थी, जो हमेशा घूमती रहती थी। और इन चकरियों के दांतो पर 0 से 9 तक के अंक छपे रहते थे। जिसमें से प्रत्येक चकरी का एक स्थानीय मान होता था। इसी मशीन को हम Adding Machine या Pascaline भी करते थे।

Charls Babbage

Charles Babbage, Father of Computer in Hindi

Charls Babbage, Father of Computer

चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक (Father of Computer) भी कहा जाता है। साथ ही इन्हें पहली यांत्रिक कंप्यूटर (Mechanical Computer) की खोज का श्रेय भी दिया जाता है।

चार्ल्स बैबेज किसी एक खास क्षेत्र से ताल्लुक नहीं रखते थे। बल्कि इसका योगदान कई क्षेत्रों में था। यह एक वैज्ञानिक होने के साथ-साथ यांत्रिक इंजीनियर, गणितज्ञ और दार्शनिक भी थे। चार्ल्स बैबेज द्वारा निर्मित कंप्यूटर के कुछ हिस्सों को आज भी लंदन साइंस म्यूजियम (London Science Museum) में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है।

कंप्यूटर की पीढ़ियां । Generation of Computer in Hindi

इससे पहले हमने जाना कि Computer Kya Hai?, Computer Ke Prakar और  Computer Ka Itihas क्या है? तथा कंप्यूटर कैसे काम करता है।

But, अब हम कंप्यूटर की पीढ़ियां (Computer Ki Generation) के बारे में बात करेंगे। मतलब आज हम जिस आधुनिक कंप्यूटर (Modern Computer) का उपयोग करते हैं। वह पहली पीढ़ी (First Generation) में कैसा था और उसमें पीढ़ी दर पीढ़ी क्या-क्या Changes किए गए।

कंप्यूटर की पीढ़ियों को मुख्यतः पांच भागों में बांटा गया है।

कंप्यूटर की प्रथम पीढ़ी । First Generation of Computer in Hindi । (1940-1956)

सन 1940 से 1956 तक के समय को कंप्यूटर का First Generation of Computer माना जाता हैI इस जनरेशन के कंप्यूटरों में Circuit बनाने के लिए निर्वात नली (Vacuum Tube) का इस्तेमाल किया जाता था। तथा Memory के लिए Magnetic Drum का प्रयोग किया जाता था।

Vacuum Tube के इस्तेमाल से कंप्यूटरों में बहुत ही अधिक Heat उत्पन्न होती थी। जो कि इस Computer की एक बहुत बड़ी समस्या थी।

साथ ही इस जनरेशन के कंप्यूटर निम्न स्तरीय Language को समझ नहीं पाते थे। इसलिए इन कंप्यूटर में कोई भी कार्य करने हेतु Binary Language का इस्तेमाल किया जाता था। जो कि एक बड़ी समस्या थी।

चुकी Binary Language के सभी Input 0 और 1 के प्रयोग से लिखा जाता था। इसलिए इसमें गलतियों को ढूंढने में काफी परेशानी होती थी। इस पीढ़ी के कंप्यूटर में Input और Output के लिए क्रमशः पंच कार्ड और प्रिंटआउट का इस्तेमाल किया जाता था।

कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी । Second Generation of Computer I (1956-1963)

दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर, प्रथम पीढ़ी की कंप्यूटरों की तुलना में अधिक तेज होते थे। क्योंकि इन कंप्यूटरों में Circuit बनाने के लिए Vacuum Tube की जगह Transistor का प्रयोग किया जाने लगा था।

Transistor

But, ट्रांजिस्टर के इस्तेमाल के बाद भी इन कंप्यूटरों में Heating की समस्या खत्म नहीं हुई।

इस जनरेशन के कंप्यूटर में Input के लिए अब भी प्रथम पीढ़ी की तरह ही पंच कार्ड तथा Output के लिए प्रिंट आउट का इस्तेमाल किया जाता था।

लेकिन Computer Program लिखने के लिए अब Binary Language की जगह Assembly Language का प्रयोग किया जाने लगा था। इसमें कंप्यूटर प्रोग्राम को अंग्रेजी भाषा के अक्षरों में लिखा जाता है।

कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी । Third Generation of Computer I (1964-1971)

First और Second Generation की कंप्यूटर में जहां इनपुट के लिए पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। वहीं Third Generation की कंप्यूटर में अब Input के लिए पंच कार्ड की जगह Keyboard का इस्तेमाल किया जाता था। और Output के लिए प्रिंटर की जगह Monitor का Use किया जाने लगा था।

इस पीढी के कंप्यूटर में CUI (Character User Interface) Based Operating System का इस्तेमाल सबसे पहले किया गया था।
साथ ही इसमें अब ट्रांजिस्टर की जगह I.C (Integrated Circuit or Chip) का इस्तेमाल किया जाने लगा था। जिससे कंप्यूटर का साइज पहले की तुलना में बहुत छोटा और स्पीड पहले से काफी तेज हो चुकी थी।

तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में अब प्रोग्राम लिखने के लिए High Level Programming Language का इस्तेमाल किया जाने लगा था। जिससे ये कंप्यूटर्स एक साथ कई कार्य करने में सक्षम थे।

कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी । Fourth Generation of Computer । (1971-1980)

4th Generation कंप्यूटर की Starting Micro Processor के साथ हुआ। माइक्रोप्रोसेसर Silicon की बनी हुई एक तरह की Chip होती थी, जिस पर हजारों I.C एक साथ लगे हुए होते थे।

कंप्यूटर के इसी पीढ़ी में सर्वप्रथम High Level Programming Language जैसे C, C++ को विकसित किया गया तथा सबसे पहले माउस (Mouse) का भी प्रयोग किया गया।

कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी । Fifth Generation of Computer in Hindi । (1980 से अभी तक)

सन 1980 के बाद से आज तक हम जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल हम अपने दैनिक जीवन में कर रहे हैं। उसे ही पांचवी पीढ़ी का कंप्यूटर कहा जाता है।

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटरों की शुरुआत A.I (Artificial intelligence) से हुई। मतलब इस जनरेशन का कंप्यूटर Users की भाषा को समझ कर उसे जवाब देने में सक्षम है। But, अभी भी इसकी विकास की प्रक्रिया जारी है।

कंप्यूटर के कुछ मुख्य पार्ट्स (Major Parts of Computer in Hindi)

  • CPU : सीपीयू का मतलब होता है : Central Processing Unit. इसे हम System Unit या फिर कंप्यूटर का Brain (Brain of the Computer) भी कह सकते हैं।

हम कंप्यूटर में इनपुट के रूप में जो भी डाटा डालते हैं। सभी को सीपीयू ही Process करके हमें आउटपुट डिवाइस की मदद से रिजल्ट्स देता है।

  • Mouse : यह एक इनपुट डिवाइस है। जिसकी मदद से हम कंप्यूटर को कार्य करने का आदेश देते हैं।
  • Keyboard : Mouse की तरह कीबोर्ड भी एक इनपुट डिवाइस है। जिसमें कई प्रकार की Keys लगी हुई होती है। और इन Keys की मदद से हम कंप्यूटर को वांछित आकड़े या आदेश देते हैं।
  • Monitor : यह एक आउटपुट डिवाइस है, जो कि इनपुट डिवाइस द्वारा दिए गए डाटा के परिणामों को हमें दिखाताहै।
  • Speakers : स्पीकर एक आउटपुट डिवाइस है। जिसकी मदद से ही हमें आवाज सुनाई देती है। जब भी हम कोई Songs या वीडियो को Play करते हैं, तो स्पीकर्स के माध्यम से ही हम संगीत या वीडियो की आवाज सुन पाते हैं।
  • Printer : इनपुट डिवाइस द्वारा दिए गए Data को हम कागज पर प्राप्त करने के लिए प्रिंटर का इस्तेमाल करते हैं।

कंप्यूटर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर (Hardware and Software of Computer in Hindi)

कंप्यूटर के वो सभी Parts जिसे हम Physically Touch कर सकते हैं। उसे ही कंप्यूटर का हार्डवेयर (Hardware of Computer in Hindi) कहा जाता है।

वही ठीक इसके विपरीत कंप्यूटर सॉफ्टवेयर को हम छू नहीं सकते। कंप्यूटर के किसी भी सॉफ्टवेयर को Coding or Programming Language द्वारा डेवलप किया जाता है।

उदाहरण के लिए-

इनपुट डिवाइस जैसे कीबोर्ड और माउस से हम कंप्यूटर को कोई भी कार्य करने का आदेश देते हैं। यह सभी कंप्यूटर के हार्डवेयर हैं। वहीं अगर हम किसी भी ब्राउज़र से जब किसी वेबसाइट को Visit करते हैं, तो यहां वेब ब्राउज़र एक सॉफ्टवेयर है।

कंप्यूटर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर एक-दूसरे का पूरक है। मतलब किसी भी काम को करने के लिए कंप्यूटर का सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर एक साथ मिलकर काम करता है।

इस पूरे आर्टिकल में अभी तक आपने जाना कि Computer Kya Hai, कंप्यूटर का इतिहास, कंप्यूटर के प्रमुख पार्ट्स, कंप्यूटर कैसे काम करता है तथा कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर I

But, अब हम जानेंगे कि कंप्यूटर Use करने के क्या-क्या फायदे हैं और इससे हमें क्या-क्या नुकसान होता है।

कंप्यूटर के फायदे (Advantages of Computer in Hindi)

  • Speed

पहले के जमाने में जहां कंप्यूटर का उपयोग आप सिर्फ Numerical Calculation करने के लिए करते थे। वही आज इसका इतना विस्तार हो चुका है, कि जैसे यह मानव शरीर का एक अभिन्न अंग हो।

आज ना सिर्फ इसका उपयोग Calculation के लिए होता है, बल्कि इससे आप इससे Multi Tasking, Multiple Operations और कठिन से कठिन Numerical Problems को चंद सेकेंड के भीतर Solve कर सकते हैं।

कंप्यूटर एक सेकंड में अरबो Instructions को Perform कर सकते हैं। इसका यह कमाल इसकी Unbelievable Speed के कारण होता है।

जैसे कि जब भी हम कोई ऑडियो या वीडियो प्ले करते हैं या इंटरनेट पर कुछ सर्च करते हैं, तो कुछ ही सेकंड के बाद आपके सामने रिजल्ट्स डिस्प्ले हो जाता है। इसलिए इसकी स्पीड सबसे बड़ी Advantage है।

  • Accuracy

सिर्फ स्पीड ही नहीं बल्कि कंप्यूटर कोई भी काम 100% Accuracy (शुद्धता) के साथ करता है। यह भी इसकी एक बड़ी Advantage है।

यह जटिल से जटिल Numerical Problems को ना सिर्फ तेजी से Solve करता है I बल्कि इसके द्वारा किया गया Calculation हमेशा 100% Accurate होता है। इसकी कैलकुलेशन में गलती की कोई गुंजाइश ही नहीं होती है।

  • Online Trading

आज धीरे-धीरे सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है। ऐसे में हम कंप्यूटर और इंटरनेट के माध्यम से ऑनलाइन कोई भी सामान खरीद सकते हैं या बेच सकते हैं।

एक Survey के मुताबिक पूरी दुनिया में 50% से भी अधिक लोग किसी भी Product की खरीद या बिक्री के लिए कंप्यूटर और इन्टरनेट  इस्तेमाल करते हैं।

  • Distance Learning Online Education

शिक्षा के दृष्टिकोण से कंप्यूटर आज Students के लिए एक Biggest Advantage है। आज Online कई ऐसे Websites और Platform मौजूद है, जिससे स्टूडेंट्स घर बैठे पढ़ाई कर सकते हैं और अपने Skills को Improve कर सकते हैं।

कंप्यूटर के नुकसान (Disadvantages of Computer in Hindi)

ऐसा नहीं है, कि सिर्फ Computer Ke Fayde ही हैं। बल्कि इसके कई नुकसानदायक पहलू भी हैं। जिसमें से पहला है:

  • Health Problem

कंप्यूटर और इंटरनेट के अधिक उपयोग का सबसे बड़ा और नुकसानदायक असर सबसे पहले हमारे शरीर (Health) पर पड़ता है। कंप्यूटर पर अधिक समय तक लगे रहने से यह हमारे आंखों को सबसे ज्यादा Effect करता है।

जिससे हमारी आंखों में कई तरह की Problems जैसे कि निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष, धुंधलापन दिखाई देना आदि ; यह सभी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

वही जब हम कंप्यूटर में इंटरनेट का यूज कर रहे होते हैं। तब Monitor से निकलने वाले Radiation हमारे शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होती है। इस रेडिएशन से हमें मानसिक तनाव, शारीरिक कमजोरी और कैंसर जैसी घातक बीमारियां हो सकती है।

  • Hacking और Virus

आज Online दुनिया में कुछ ऐसे व्यक्ति भी मौजूद हैं, जिसका काम दूसरों को नुकसान पहुंचाना है। साधारण शब्दों में इस तरह के लोगों को हम हैकर (Hackers) के नाम से जानते हैं।

हैकर अपने Programming Skills के दम पर किसी भी कंप्यूटर में सेंध लगाकर उसमें Malicious Code या Virus डालकर कंप्यूटर को हैक करके उसकी Private Information जैसे कि ATM Card No. PIN No. CVV Number आदि को चुरा सकता है। जिससे आपका बैंक अकाउंट पूरी तरह से खाली हो सकता है।

  • Environmental Effects

Computer Manufacturing के समय बहुत ही ज्यादा मात्रा में E-waste Produce होता है। जो हमारे वातावरण और सोसायटी के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।

Computer E-waste से कई तरह की Harmful Chemical Produce होता है। जो हमारे Nature को प्रदूषित करता है।

  • Data and Information Violation

कई बार और असतर्कता के कारण हम अपने Important Data को खो देते हैं।

उदाहरण के लिए-

  • अगर आपका Hard Disk अचानक से खराब हो गया हो।
  • आपके कंप्यूटर के अंदर कोई Malicious Code Inject कर दिया गया हो।
  • काम करने के दौरान आपके कंप्यूटर का तापमान काफी अधिक हो गया हो। जिससे Motherboard खराब हो गया हो।

इन सभी स्थिति में आप अपने कंप्यूटर के अंदर रखे गए महत्वपूर्ण डांटा को खो भी सकते हैं। इसलिए इन सभी से बचने के लिए आप अपने इंपोर्टेंट डाटा को SD Card या Pen Drive में Backup लेकर जरूर रख ले।

Computer सम्बंधित कुछ FAQs और Facts

  1. कंप्यूटर के 5 मुख्य पार्ट्स कौन-कौन से हैं?

    CPU (Central Processing Unit), RAM (Random Access Memory), ROM (Read Only Memory), Motherboard और Videocard कंप्यूटर के पांच मुख्य पार्ट्स हैं।

  2. Father of Computer किसे कहा जाता है?

    चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है?

  3. दुनिया का पहला डिजिटल कंप्यूटर का क्या नाम था?

    ENIAC (Electronic Numerical Integrator and Computer) दुनिया का पहला Digital Computer था, जिसे 14 Feb. 1946 को University of Pennsylvania's में Develop किया गया था।

  4. कंप्यूटर की कुल कितनी पीढियां है?

    कंप्यूटर की कुल पांच पीढ़ी है।

  5. दुनिया का पहला कंप्यूटर वायरस का क्या नाम है?

    “Creeper System” दुनिया का पहला Experimental Self-replicating कंप्यूटर वायरस था। जिसे पहली बार सन्न 1971 में Release किया गया था।

  6. दुनिया का सबसे पहला Super Computer का क्या नाम था?

    CDC (Control Data Corp) 6600 दुनिया का पहला सुपर कंप्यूटर था। जिसे सन्न 1964 में बनाया गया था।

Conclusion

I Hope की Computer Kya Hai (What is Computer in Hindi)? यह कैसे काम करता है? इसका इतिहास क्या है? आपको पूरी तरह समझ में आ गया होगा।

But, अगर आपको कंप्यूटर से संबंधित और कोई भी समस्या हो, तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। साथ ही अगर आपके लिए यह पोस्ट Useful रहा हो, तो अपने दोस्तों के बीच इसे जरूर शेयर करें।

ये भी पढ़े-