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Essay on Crow in Hindi/ About Crow in Hindi । कौआ के बारे में

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Crow in Hindi/ About Crow in Hindi । कौआ के बारे में : दोस्तों, आज मैं कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यार्थी  के लिए बहुत ही सरल शब्दों में कौआ पर निबंध लिखने का प्रयास की हूं।

इस निबंध अर्थात ‘Crow in Hindi/ About Crow in Hindi’  के माध्यम से मैं आप सबको कौआ के बारे में संपूर्ण जानकारी देने का अथक प्रयास करूगी। तो चलिए, जानते हैं कौआ के बारे में कुछ रोचक बातें –

Crow in Hindi/ About Crow in Hindi । कौआ के बारे में  

कौआ दुनिया के उन पक्षियों में शुमार है, जिसकी संख्या पृथ्वी पर बहुत ही ज्यादा है। कौआ का रंग (colour of crow) काला होता है एवं इसके गर्दन का रंग स्लेटी होता है।

कौआ के काले रंग एवं उसके कड़क आवाज (voice of crow) के कारण लोग इसे पसंद नहीं करते हैं। यह एक मध्यम आकार का पक्षी है। कौआ का गुण अन्य पक्षियों की तुलना में भिन्न होती है।

यह बहुत ही बुद्धिमान एवं चतुर पक्षी है। इसे दो आंखें, दो पंजा, एवं एक नुकीली चोंच होता है। इसके अलावा कौआ को दो पंख होती है ,जो कौआ को उड़ने में मदद करता है।

कौआ को प्रकृति को स्वच्छ रखने वाला पक्षियों में गिना जाता है। क्योंकि यह भोजन के रुप (food for crow) में सड़ें-गले भोजन एवं कोंटों को खाकर वातावरण को स्वच्छ बनाए रखता है। कौआ एक सर्वाहारी पक्षी है,

क्योंकि यह रोटी, मांस, घरेलू भोजन इत्यादि सभी चीज खाता है। यह एक ऐसा पक्षी है जो गांवों एवं शहरों दोनों जगहों पर काफी मात्रा में पाया जाता है।

कौआ के लगभग 40 से अधिक प्रजातियां है, जो दुनिया के अलग-अलग भागों में पाया जाता है। इतना ही नहीं बल्कि कौआ के प्रजातियों का वजन एक दूसरे से काफी भिन्न होता है।

सबसे कम वजन के कौआ का वजन 40 ग्राम और सबसे अधिक वजन के कौआ का वजन 1.5kg होता है। कौआ के बारे में सबसे खास बात तो यह है कि,

इसके शरीर पर छोटे-छोटे एवं घने बाल पाया जाता है। कौआ और कोयल का शल्क एक दूसरे से काफी मिलता है। कौआ को लेकर भारतीय हिंदू समाज में कई अवधारणाएं मौजूद है।

सामान्य रूप से कौवा का जीवन का 18 से 20 वर्षों का होता है।परंतु कौवा के कुछ नस्लों का जीवन काल 30 वर्षों तक का होता है।हमारे देश में विद्यार्थियों का एक गुण कौआ के तरह तेज रहने को माना जाता है।

इतना ही नहीं बल्कि भारत में अलग-अलग राज्यों में कौआ को अलग-अलग स्थानीय नामों से जाना जाता है। जैसे कि मारवाड़ी भाषा में कौआ को हाडा कहा जाता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि कौआ हमेशा अपने मादा साथी के साथ ही रहना पसंद करता है। कौआ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि,

कौआ किसी का भी चेहरा मनुष्य की तरह आसानी से याद रख सकता है। यह हमेशा झुंड में रहना पसंद करता है। विश्व में नीदरलैंड एक ऐसा देश है,

जहां कौआ को प्रशिक्षण देकर सफाई का कार्य करवाया जाता है। नीदरलैंड में कौआ सिगरेट या ऐसी ही वस्तु को उठाकर डस्टविन में डालता है।

कौआ उन पक्षियों में से एक है जो काफी चतुर एवं बुद्धिमान होता है।

Eassy About Crow in Hindi in 550 Words

कौआ जिसे अंग्रेजी में Crow कहा जाता है। यह पक्षी देखने में तो काफी साधारण सी लगती है, परंतु यह काफी चतुर होती है। यह अन्य  पक्षीयों तरह ही एक सामान्य आकार वाली होती है।

कौआ का वैज्ञानिक नाम Corvus होता है। कौआ के शरीर का आकार काफी हद तक कोयल से मिलती है। इसके शरीर का रंग काला होता है एवं इसके गले का रंग कुछ स्लेटी सी होती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि कौआ का आवाज काफी भरकदार एवं कड़क होता है। इतना ही नहीं बल्कि को प्राकृतिक संरक्षक जीव माना जाता है।

कौवा एक संघटक के तरह कार्य करता है, क्योंकि कौआ हमारे आसपास में मौजूद गीले भोजन, कीड़े-मकोड़े, सड़े- गले मांस एवं रोटी इत्यादि को खाकर हमारे वातावरण को स्वच्छ-सुंदर रखता है।

जहा तक बात है कौआ के रहने की तो कौआ पेड़ो के शाखा पर घोंसला बनाकर रहता है। सामान्यतया यह पक्षी दुनिया के हर कोने में पाया जाता है।

मध्यम आकार के इस पक्षी को दो छोटी आंखें, दो छोटे एवं नुकीले पंजे तथा एक मजबूत चोंच होती है। जिससे यह भोजन को टुकड़ों में करके खाता है।

विश्व में कौआ के अनेक प्रजातियां पाई जाती है। भारत में कौआ का वजन लगभग आधा किलो से डेढ़ किलो के बीच होता है। कौआ के बारे में (Crow in Hindi/ About Crow in Hindi) सबसे रोचक बात तो यह है कि,

यह काफी तेज होता है। इसके साथ ही साथ यह पक्षी काफी बुद्धिमान भी होता है। हमारे देश में कौआ के प्रति लोगों का व्यवहार काफी संवेदनशील एवं अप्रिय भरा होता है।

क्योंकि यह पक्षी देखने में काला एवं कुरुप होता है। साथ ही साथ इसके स्वर भी काफी बेसुरा होता है। सामान्य रूप से यह पक्षी झुंड में रखते हैं और झुंड में ही भोजन चुनते हैं।

हमारे हिंदू समाज में कौआ को लेकर अनके धारणायें है जिन्हें माना है। उन्ही मे से एक ऐसी धारणा है कि श्राद्ध कर्म में कौआ को खाना खिलाने से पूर्वजों को उनका अगला जीवन अच्छा मिलता है।

भारत के कुछ राज्यों में कौआ को अलग-अलग स्थानीय नामों से जाना जाता है। जैसे कि राजस्थान में कौआ को कागला कहा जाता है।

आमतौर पर दिखने में साधारण सी लगने वाली इस पक्षी का जीवन काल 18 से 20 वर्षों का होता है। कौआ के बारे में सबसे बड़ी खास बात यह है कि,

यह सदा अपने मादा साथी के साथ ही रहता है। मादा कौआ जब अंडे देती है तो नर कौवा उस अंडे की देखभाल करता है। और जब अंडे से बच्चे निकलता है।

तो दोनों नर एवं मादा कौआ मिलकर बच्चे का पालन पोषण करता है। हिंदू समाज की एक मान्यता यह भी है कि जब हमारे यहां कोई रिश्तेदार आने वाले होते हैं।

तो कौआ पहले ही कांव-कांव करके इसकी सूचना देने लगते हैं। दुनिया भर में कौवा एक ऐसा पक्षी है, जिसे चोर पक्षी भी कहा जाता है, क्योंकि कौआ चुपके से खाना चुरा लेता है।

विश्व में ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है, जहां सबसे छोटा कौआ पाया जाता है और दुनिया का सबसे बड़ा एवं लंबा कौआ बेलग्रेड नामक देश पाया जाता है।

दुनिया भर में कौआ को उसकी बुद्धिमता और तेज-तर्रार के लिए जाना जाता है। मुख्य रूप से यह पक्षी गांव में अधिक और शहरों में कम दिखाई देता है।

कौआ के बारे में (Crow in Hindi/ About Crow in Hindi) कौआ और कोयल में काफी समानता पाया जाता है लेकिन आवाज में काफी अंतर होती है।

Information About Crow in Hindi। कौआ पर निबंध

कौआ एक साधारण सी दिखने वाली पक्षी है। यह काफी बुद्धिमान एवं तेज पक्षी होता है। कौआ का वैज्ञानिक नाम (scientific name of crow) “Corvus” होता है। यह एक पर्यावरण संरक्षक पक्षी के रूप में जाना जाता है।

कौआ एक ऐसा पक्षी है जो दुनिया के हर कोने में पाया जाता है। यह काफी चतुर पक्षी है। कौआ के असाधारण गुण का पता हम इस बात से लगा सकते हैं कि,

विद्यार्थियों का एक गुण ‘काकचेष्टा’ अर्थात् विद्यार्थियों को कौवा की तरह तेज और चतुर रहने को कहा जाता है। कोयल और कौआ देखने में बहुत हद तक एक जैसा ही लगता है।

दुनिया भर में कौआ को उसकी कर्कश और बेसुरा आवाज के कारण नापसंद किया जाता है। कौआ के असाधारण गुणों में से एक यह है कि यह हर वातावरण में रहने में सक्षम होता है।

इसलिए कौआ हमें शहर और गांव हर जगह दिखाई देता है। विश्व जगत में कौआ को कुरुप पक्षों में गिना जाता है, क्योंकि इसका रंग काला होता है।

  • कौआ के शरीर की बनावट। Body Structure of Crow in Hindi

कौआ एक ऐसा पक्षी है, जो मध्यम आकार की होती है। कौआ के पास दो छोटी चमकीली आंखें, दो चोटी पंजे ,जो काफी नुकीली होती है तथा एक चोंच होती है।

कौआ का चोंच काफी मजबूत होता है। इसकी सहायता से कौआ भोजन को टुकड़ों में करता या कीड़े मकोड़ों को पकड़ता है। सबसे खास बात यह है कि,

कौआ के शरीर पर काफी छोटे-छोटे बाल होते हैं। कौआ के पूरे शरीर का रंग काला होता है परंतु इसके गर्दन का रंग स्लेटी होता है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि,

कौआ के शरीर पर दो पंख होती है जो कौआ को खुले आसमान में उड़ने में सहायक होता है। कौआ के शरीर के बनावट एवं रंग रूप कोयल से काफी मिलता-जुलता है।

कौआ अपनी उपस्थिति का एहसास अपनी आवाज कांव-कांव करके कराता है। कौआ का जीवनकाल सामान्य रूप से 18 से 20 वर्षों का होता है, मादा कौवा अंडा देती है।

  • कौआ का भोजन और नस्लें। Crow’s food and Breeds

जहां तक कौआ के भोजन की बात है तो कौआ अन्य पक्षियों से भिन्न एक सर्वाहारी पक्षी है। यह सब कुछ खाता है। जैसे-मांस, कीड़े मकोड़े, रोटी ,सड़े-गले कचरे इत्यादि।

दुनिया में कौआ एक प्रकृति संरक्षण पक्षी है। क्योंकि कौआ कीड़े-मकोड़े, सड़े गले भोजन इत्यादि का संघटन करके वातावरण को सुंदर बनाए रखने में मदद करता है।

कौआ भोजन के अभाव में कभी-कभी दूसरे पक्षी के अंडे को भी खा जाता है। यह एक ऐसा पक्षी है जो पृथ्वी पर काफी संख्या में एवं पृथ्वी के हर एक भाग में पाया जाता है।

इतना ही नहीं बल्कि पृथ्वी पर कौवा के 40 से अधिक प्रजातियां (species of crow) पाई जाती है। जो दुनिया के अलग-अलग भागों में पाया जाता है।

कौआ के कुछ प्रजातियां इस प्रकार हैं- मेलोडी, कोरोन, कोरवस, कौरिनस, हौंवाइनेसिस, कोरैक्स, फ्रगिलगस, ब्राचिर्हिनचोस इत्यादि।इनमें से प्रत्येक नस्ल का वजन और आकार अलग अलग होता है।

ऑस्ट्रेलिया में विश्व का सबसे छोटा कौआ पाया जाता है एवं बेलग्रेड में विश्व का सबसे बड़ा कौआ पाया जाता है। इन सब नस्लों में कुछ नस्ल का जीवन काल 30 वर्षों का भी होता है।

  • कौआ से संबंधित धार्मिक मान्यता एवं दिनचर्या। Religious Beliefs and daily Routines Related to Crow in Hindi 

वैसे तो कौआ का दिनचर्या काफी सामान्य एवं साधारण होता है, परंतु कौआ का दिनचर्या काफी हद तक अन्य पक्षियों के तरह ही होता है।

कौआ पूरे दिन अपने भोजन के खोज में इधर-उधर भटकता रहता है और शाम में वापस अपने घोसले में लौट जाता है। कौआ की सबसे बड़ी खासियत तो यह है कि,

यह हमेशा अपने साथी के साथ रहता है। इतना ही नहीं बल्कि जब मादा अंडे देती है तो नर कौआ उसका सुरक्षा करता है और जब बच्चे अंदर से बाहर निकलता है तो दोनों मिलकर बच्चे का देखभाल करता है।

हमारे देश में कौआ को लेकर कई अवधारणाएं मौजूद है। जैसे कि भारतीय हिंदू धार्मिक समाज में ऐसी मान्यता है कि श्राद्ध के दिन कौआ को भोजन खिलाने से उसके पूर्वजों का अगला जन्म अच्छा मिलता है।

इसके अलावा ऐसी भी अवधारणा है कि जब कौआ छत पर या आंगन में आकर कांव-कांव करता है तो वह हमारे किसी रिश्तेदार के आने की संदेश हमें देता है।

भारतीय समाज में ऐसी कई अवधारणा पूर्ण बातें मौजूद है। अंतत: हम कह सकते हैं कि, दिखने में साधारण सी लगने वाली इस पक्षी का गुण काफी असाधारण एवं अद्वितीय हैं।

यह प्रकृति संरक्षक है। हमारे वातावरण के लिए कौआ काफी महत्वपूर्ण है। हम निश्चित तौर पर कह सकते हैं कि कौआ काफी चतुर एवं तेज-तर्रार पक्षी है।

10 lines on crow in hindi। कौआ से संबंधित कुछ रोचक तथ्य

  • कौआ काफी चतुर एवं बुद्धिमान पक्षी है।
  • कौआ का जीवनकाल 18 से 20 वर्षों का होता है।
  • यह कचड़े और कीड़े-मकोड़ों को खाकर वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है।
  • कौआ को शुभ और अशुभ दोनों रूपों में देखा जाता है।
  • यह अक्सर समूहों में भ्रमण करता है।
  • कौआ इंसान की भांति किसी के चेहरे को याद रख सकता है।
  • नीदरलैंड में कौआ को प्रशिक्षण देकर सफाई का काम करवाया जाता है।
  • कौआ का वजन 40 ग्राम से 1.5kg तक होता है।
  • नर कौआ हमेशा मादा कौआ के साथ ही रहता है।
  • कौआ पेड़ों के शाखा पर घोंसला बनाकर रहता है।

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