Essay on My School in Hindi

Essay on My School in Hindi । मेरा विद्यालय पर निबंध

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दोस्तों आज हमने कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए उनके सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए काफी सरल शब्दों में Essay on My School in Hindi अर्थात मेरा विद्यालय पर निबंध छोटी एवं बड़ी दोनों प्रकार से लिखी हूं।

इस निबंध के सहायता से आप यह जान पाएंगे कि, विद्यार्थियों के लिए विद्यालय का होना कितना अनिवार्य है। तो आइए जानते है विद्यालय के बारे मे कुछ खास बाते जिन बातो के आधार पर यह साबित होती है कि,सच्च मे विद्यालय विद्या का मंदिर होता है।

Essay on My School in Hindi in 150 Words

मेरे विद्यालय (Essay on my school in Hindi) का नाम बुद्धा पब्लिक है। जिसमें मैं कक्षा 2 की छात्रा हूं। मेरे विद्यालय में कक्षा 1 से 5वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई होती है। मेरा विद्यालय चारों ओर से Boundary द्वारा घेरा हुआ है। मेरे विद्यालय में 5 छतदार कमरा तथा 3 शौचालय, दो चापाकल एवं एक कार्यालय है। जिसमें हमारे प्रधानाध्यापक एवं अन्य अध्यापक-अध्यापिका बैठते हैं। या अन्य कोई काम करते हैं। हमारे विद्यालय में 3 शिक्षक एवं दो शिक्षिका है।

मेरे विद्यालय में करीब 150 छात्र-छात्राएं हैं। हमारे विद्यालय में एक बड़ा सा खेल मैदान है। जिसमें हम लोग क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन आदि खेलते हैं। हमारा विद्यालय सफेद रंग से रंगा हुआ है। जो काफी आकर्षक एवं सुंदर लगता है। हमारे विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेल एवं अन्य प्रतियोगिता में भी प्रत्येक बार अव्वल रहते हैं। हमारे प्रधानाध्यापक महोदय काफी सज्जन प्रवृत्ति के इंसान हैं। मुझे मेरा विद्यालय काफी अच्छा लगता है।

Essay on My School in Hindi in 250 Words

मेरे विद्यालय का नाम संत जेवियर्स है। इस विद्यालय में कक्षा 1 से 8वीं तक के सभी बच्चों के लिए पढ़ाई होती है। मैं अपने विद्यालय में कक्षा 5 का छात्र हूं। मेरे विद्यालय में करीब 250 विद्यार्थी हैं। मेरा विद्यालय करीब 1 एकड़ जमीन में बनी हुई है। मेरे विद्यालय में 8 पक्के की मकान है। जिसमें सभी कक्षा के विद्यार्थियों का अलग-अलग पढ़ाई होती है। मेरे school में एक बड़ा सा कार्यालय है। जिसमें हमारे विद्यालय के प्रधानाचार्य रहते हैं। मेरे विद्यालय में 4 शौचालय एवं दो चापाकल है।

मेरा विद्यालय चारों और से Boundary से घेरा हुआ है और Boundary की ऊंचाई करीब 5 फीट है। मेरे विद्यालय में एक बहुत बड़ा खेल का मैदान है। जिसमें हम लोग कक्षा प्रारंभ होने से पहले प्रार्थना भी करते हैं। हमारे विद्यालय में 11:45AM मे lunch की घंटी लगती है। जिसमें सभी छात्र-छात्रा अपना अपना लंच करके और कुछ समय के लिए खेलते हैं। हमारे विद्यालय का खेल मैदान काफी हरा भरा है। हमारे विद्यालय में 5 शिक्षक एवं 3 शिक्षिका है। हमारे विद्यालय में एक Peonभी है। जो घंटी बजाने के साथ साथ कोई दूसरा काम भी करते हैं।

मेरे विद्यालय के सभी छात्र-छात्रा काफी समझदार एवं संस्कारी है। मेरे स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं प्रधानाचार्य एक दूसरे से मिल-जुल कर रहते हैं। हमारे विद्यालय में प्रत्येक बार कोई न कोई प्रतियोगिता होती है। जिसमें हम सभी छात्र छात्राएं भाग लेते हैं। हमारे विद्यालय में वार्षिक एवं अर्द्ध वार्षिक परीक्षा होती है। जितने भी छात्र छात्राएं इस परीक्षा में अव्वल आते है। हमारे प्रधानाध्यापक उन्हें पुरस्कृत करते हैं। हमारे विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं काफी मन लगाकर पढ़ाते हैं। जिससे हमें अपने विद्यालय में पढ़ने मे काफ़ी मन लगता है।

Essay on My School in Hindi in 350 Words

मैं द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल मुंगेर में पढ़ता हूं। मेरा विद्यालय मुंगेर के जाने-माने विद्यालयों में से एक है। मेरे विद्यालय में कक्षा Nursery से कक्षा 6 तक के विद्यार्थियों को शिक्षा देने की सुविधाएं उपलब्ध है। मेरा विद्यालय शोर-शराबा वाले जगहों से दूर काफी शांत माहौल में है। मैं इस विद्यालय में कक्षा नर्सरी से ही पढ़ता हूं। वर्तमान में मैं अपने विद्यालय में कक्षा 6 का छात्र हुँ। मेरे विद्यालय में करीब 300 छात्र-छात्राएं है। मेरा विद्यालय मेरे घर से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसलिए मैं अपने स्कूल के बस से ही स्कूल जाता हूं। मेरा स्कूल दो मंजिला मकान है।

जिसमें 10 कमरे बनी हुई है। मेरे विद्यालय मे एक कार्यालय है तथा 5 शौचालय एवं चार चापाकल है। मेरा विद्यालय चारों ओर से घेरा हुआ है। जिसमें दो मुख्य द्वार है। मेरे स्कूल मे 10 शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, एक प्रधानाचार्य एक सहायक प्रधानाचार्य, दो सुरक्षाकर्मी एवं एक Peon है। मेरे स्कूल के चारों ओर का वातावरण स्वच्छ एवं शांतिपूर्ण है। हमारे स्कूल के द्वारा सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस दिया गया है। हमारे विद्यालय के सभी विद्यार्थी एक रंग के ड्रेस पहनते है। जो देखने में काफी अच्छा लगता है। मेरे स्कूल को लाल एवं हरा रंग से रंगा गया है। जो काफी सुंदर लगता है।

मेरे विद्यालय में काफी कड़ा अनुशासन व्यवस्था है। जिसका पालन हम सभी छात्र छात्राओं को करना पड़ता है। मेरे विद्यालय में 3 सफाईकर्मी है जो प्रत्येक दिन हमारे विद्यालय के सभी कक्षाओं एवं खेल मैदान आदि की साफ-सफाई करते हैं। हमारे विद्यालय के सभी कमरे काफी हवादार है। मेरे स्कूल में प्रत्येक विषय के अलग अलग शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हैं। हमारे विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं प्रधानाध्यापक काफी सज्जन और दयालु प्रवृत्ति के हैं। हमारे स्कूल के शिक्षक हम सभी बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

जैसे- तैराकी, एनसीसी, स्कूल बैंड, नृत्य आदि। हमारे स्कूल में अनुशासन का उल्लंघन करने वाले विद्यार्थियों को उनके वर्ग शिक्षक द्वारा दंडित किया जाता है। जिससे हमारे विद्यालय के सभी छात्र-छात्रा काफी अनुशासित ढंग से रहते हैं। हमारे विद्यालय मैं कुछ महत्वपूर्ण दिनों जैसे- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), गांधी जयंती, बाल दिवस आदि काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हमारे विद्यालय में प्रत्येक दिन कक्षा शुरू होने से पहले प्रार्थना होती है। फिर हम सभी छात्र-छात्रा अपने अपने कक्षा में जाकर अपनी पढ़ाई करते हैं। मुझे अपना विद्यालय जाना पसंद है।

Essay on My School in Hindi in 500 Words

मैं बापू बाल विकास विद्यालय सहरसा (बिहार) में पढ़ता हूं। यह स्कूल हमारे शहर के काफी चर्चित मुहल्ला गौतम नगर में स्थित है। साथ ही यह मोहल्ला हमारे शहर के उत्तरी छोड़ पर स्थित है। यह स्कूल हमारे शहर का सबसे अच्छा स्कूल माना जाता है। हमारा विद्यालय काफी स्वच्छ एवं शांतिपूर्ण वातावरण में स्थित है। मेरा स्कूल मेरे घर से करीब आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और यह दूरी हमारे ख्याल से कुछ ज्यादा नहीं है। इसलिए मैं पैदल या कभी कभी साईकिल से ही अपने स्कूल चले जाता हूं।

अगर मैं पैदल अपने स्कूल जाता हूं। तो करीब 25 मिनट का समय लगता है या अगर साइकिल से अपने स्कूल जाता हूं तो करीब 15 से 20 मिनट की समय लगती है। वैसे अक्सर मैं अपने स्कूल पैदल ही जाया करता हूं। क्योंकि मेरे अगल-बगल के दोस्त भी साथ में चलते हैं और स्कूल जाने के क्रम में मैं अपने दोस्तों के साथ काफी मस्ती करता हूं। मैं अपने विद्यालय में कक्षा 9वीं का छात्र हूँ। मेरे विद्यालय में कक्षा 1 से 10वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई होती है। हमारे स्कूल का इतिहास गौरवमय रहा है।

मेरे स्कूल में 700 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। मेरे विद्यालय में 30 कमरा है। जिसमें सभी कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई होती है। ये सारे कमरे में दो दरवाजा एवं चार खिड़कियां लगी हुई है। क्योंकि यह सारे कमरे काफी बड़े-बड़े हैं। हमारे विद्यालय 10 शौचालय एवं 5 चापाकल भी है। हमारे विद्यालय का शौचालय दो अलग-अलग भागों में स्थित है। क्योंकि लड़कियों और लड़कों के लिए अलग अलग शौचालय का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा किसी भी सभाओ एवं स्कूल मे आयोजित होने वाली किसी अन्य उत्सवों के लिए एक बड़ा कमरा है। इसके अतिरिक्त एक कार्यालय है।

जिसमें हमारे स्कूल के प्रधानाचार्य एवं उप-प्रधानाचार्य तथा अन्य शिक्षक अपनी अपनी उपस्थिति एवं अन्य कागजात संबंधी कार्य करते हैं। हमारे विद्यालय में 30 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं है, एक प्रधानाचार्य एवं एक उप प्रधानाचार्य हैं। हमारे विद्यालय के प्रधानाचार्य (Principal) का नाम विनोद कुमार शुक्ला है। हमारे प्रधानाध्यापक महोदय पैशे से प्रिंसिपल होने के साथ-साथ एक कुशल वकील भी हैं। हमारे प्रधानाचार्य महोदय काफी शिक्षित एवं दयालु प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। साथ हमारे उप-प्रधानाचार्य भी काफी पढ़े-लिखे एवं सज्जन प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। जब कभी हमारे Principal महोदय किसी कारणवश विद्यालय नहीं आ पाते हैं।

तो उनके जगह पर स्कूल का सारा कार्य-भार हमारे उप-प्रधानाचार्य ही करते हैं और वे काफी ईमानदारी के साथ अपने सारे कार्य संपन्न करते हैं। इसके अतिरिक्त हमारे विद्यालय के 30 शिक्षक-शिक्षिकाओं में 20 शिक्षक एवं 10 शिक्षिकाएं हैं। हमारे विद्यालय के प्रत्येक कक्षा में करीब 40 Bench-Dex लगे हुए हैं। हमारे स्कूल के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं भी काफी सुयोग्य एवं कुशल है। विभिन्न शिक्षक एवं शिक्षिका विभिन्न विषय पढ़ाते हैं। मेरे स्कूल के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हमारे स्कूल के प्रधानाचार्य महोदय की तरह ही विनम्र एवं दयालु प्रवृत्ति के हैं। मेरा विद्यालय काफी बड़ी जगहों में स्थित है। हमारे विद्यालय के विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष शत-प्रतिशत अंको से पास करते हैं। मेरा विद्यालय काफी प्रतिष्ठित है।

Essay on My School in Hindi in 1500 Words

मैं सुनैना पब्लिक स्कूल मुंगेर में पढ़ती हूं। यह मुंगेर के प्राचीन विद्यालयों में से एक है। हमारा विद्यालय (Essay on My School in Hindi) लगभग 30 वर्षों से शिक्षा क्षेत्र में सेवारत है। मेरे स्कूल की पठन-पाठन व्यवस्था काफी अच्छी है। गर्मियों के समय मे मेरे स्कूल का समय 6:00 AM to 2:00 PM होती है तथा सर्दियों के समय में मेरा स्कूल सुबह 8:00 AM to 2:30 PM तक चलती है। कक्षा प्रारंभ होने होने से पहले हम सभी छात्र-छात्राऍ अपने स्कूल के Play Ground (खेल मैदान) मैं भगवान से प्रार्थना करते है।

प्रार्थना समाप्त होने के पश्चात हम सभी अपने अपने कक्षा रूम में चले जाते हैं। फिर हम सभी अपनी पढ़ाई शुरू करते है। हमारे स्कूल में 12:00 PM मे मध्यवकाश (Lunch) की घंटी लगती है। जो 30 मिनट की होती है। इसमें हम सभी छात्र-छात्रा अपनी इच्छानुसार अपना अपना नाश्ता करते हैं और जो बाकी समय मिलता है उसमें खेलते हैं या अन्य कोई काम करते हैं। मैं अपने स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा हूं। मैंने अपनी स्कूली पढ़ाई की शुरुआत इसी स्कूल से करी है, अर्थात मैं अपने विद्यालय में कक्षा नर्सरी से ही अध्ययनरत हूँ।

यहां की पढ़ाई से लेकर अनुशासन व्यवस्था इतनी अच्छी है कि हमें कभी किसी दूसरे स्कूल मैं जाने को सोचने का मौका ही नहीं दिया। मैं अपने School मे पिछले 10 वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रही हूं। मैंने काफी अच्छे अंकों के साथ अपनी 10वीं की परीक्षा भी इसी स्कूल से उत्तीर्ण हुई हूं। परंतु आज तक हमें ऐसा कुछ अहसास ही नहीं हुआ है कि, हमारे विद्यालय में हमें किसी भी चीज की कमी महसूस हुई हो। इस प्रकार मैं कहूं तो मेरे स्कूल की पढ़ाई से लेकर अन्य सारी व्यवस्था इतनी अच्छी है कि कभी किसी को इसकी खामियाँ या फिर कहे तो कमजोरी निकालने का मौका ही नहीं मिला।

मेरे स्कूल के सारे मान-सम्मान को बढ़ाने का श्रेय मेरे विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ-साथ स्कूल मैं कार्यरत सभी स्टाफ को जाता है। मेरा विद्यालय शोर-शराबे वाले स्थान से दूर एक काफी शांतिपूर्ण एवं स्वच्छ वातावरणीय स्थान में स्थित है और पुराने ऐतिहासिक मुंगेर दुर्ग के सामने है। मेरा स्कूल दूर से ही देखने में काफी भव्य और भड़कीला सा लगता है। क्योंकि ये है ही कुछ अलग तरीके से बना हुआ। मेरे विद्यालय में कक्षा नर्सरी से 12वी तक की पढ़ाई होती है।

मेरे स्कूल में करीब 2000 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। मेरा स्कूल काफी बड़े मैदान में बनी हुई है। मेरे ख्याल से मेरा स्कूल करीब 2 एकड़ जमीन में बना हुआ है। मेरे विद्यालय तीन मंजिला मकान है। जिसमें 40 बड़े-बड़े कक्षा रूम है। सभी रूम हवादार है तथा प्रत्येक कमरा में दो get एवं पांच खिड़कियां लगी हुई है और कुल मिलाकर सभी कक्षा में लगभग 1000 Bench-Dex लगे हुए है। इसके अलावे मेरे विद्यालय में 25 शौचालय एवं 20 चापाकल है। इतना ही नहीं मेरे स्कूल में एक बड़ा सा कार्यालय भी बना हुआ है।

जिसमें हमारे प्रधानाध्यापक एवं अन्य स्टाफ अपना कोई भी कालजात संबंधी कार्य करते हैं। मेरे विद्यालय में एक मंदिर भी बनी हुई है। जिसमें मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित है। जिसे हम सभी स्वर और विद्या की देवी मानते हैं। यह मंदिर काफी सुंदर और आकर्षक है। मेरे स्कूल में छात्रावास की भी व्यवस्था है। जिसमें करीब एक सौ छात्र रहते हैं। मेरे विद्यालय मे एक रसोई घर भी है। जिसमें छात्रावास में रहने वाले सभी विद्यार्थियों का भोजन बनता है। मेरे विद्यालय मे एक बड़ा सा पुस्तकालय भी है। यह पुस्तकालय हमारे विद्यालय के सभी छात्र छात्राओं के लिए काफी उपयोगी है।

इसमें लगभग सभी भाषा के किताबें एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध होते हैं। मेरा विद्यालय चारों ओर से ऊंची दीवारों के द्वारा घेरा हुआ है। मेरे विद्यालय में प्रधानाध्यापक के अलावा एक उप प्रधानाध्यापक एवं 40 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं हैं। मेरे विद्यालय में 15 सफाईकर्मी, 3 आदेशपाल (peon) एवं पांच सुरक्षाकर्मी (Security) भी है। मेरे स्कूल में प्रत्येक वर्ष सभी कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अर्ध-वार्षिक तथा वार्षिक परीक्षा भी लिए जाते हैं। हमारे विद्यालय में साप्ताहिक Test भी होती है। मेरे स्कूल की अपनी 20 गाड़ियां भी है।

जो बाहरी बच्चों को प्रत्येक दिन स्कूल लाने और घर पहुंचाने का काम करती है। गरीब एवं कमजोर छात्र छात्राओं के लिए हमारे विद्यालय द्वारा विशेष सुविधाएं दी जाती है। जिनमें से कुछ इस प्रकार है – गरीब छात्र या छात्रा को हमारे विद्यालय द्वारा ली जाने वाली Fee का आधा ही लगता है। इतना छूट दी जाने के बाद भी अगर वे भी नहीं दे पाते हैं तो उन्हें मुफ्त ही शिक्षा दी जाती है। कमजोर छात्र-छात्राओं को विशेष क्लास दी जाती है। ताकि वे भी आगे बढ़ सके। हमारे विद्यालय में दो तरह की स्कूल ड्रेस चलती है। जिनमें से एक है- Green Colour (हरा रंग) की तथा दूसरा White (सफेद रंग) की।

हमारे विद्यालय में प्रत्येक शनिवार सभी छात्र-छात्रा सफेद ड्रेस में स्कूल आते हैं। अन्य विद्यालयों के तरह प्रत्येक रविवार हमारे विद्यालय में भी छुट्टी रहती है। हमारे विद्यालय के छात्रावास में रहने वाले सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य, पढ़ाई से लेकर अन्य सभी चीजों का काफी ध्यान रखा जाता है। हमारे विद्यालय में कुछ मुख्य त्योहार जैसे- दशहरा, दीपावली, होली, आदि पर्वों के अवसर पर भी छुट्टी दी जाती है। हमारे विद्यालय मे करीब 1 महीने की गर्मी छुट्टी भी होती है। जिसमें हम सभी विद्यार्थी अपने अपने घर पर इस Holiday को काफी enjoy करते हैं। यहां काफी कड़ी अनुशासन व्यवस्था है।

जिसका पालन हम सभी छात्र-छात्राओं को करना पड़ता है। यही कारण है कि हमारे स्कूल के सभी विद्यार्थी काफी अनुशासित तथा आज्ञाकारी है। हमारे स्कूल में कभी-कभी विद्यार्थियों की इच्छा अनुसार विशेष Class भी दी जाती है। जैसे- नैतिक शिक्षा, व्यायाम, चित्रकला, संगीत, आदि। यहां के सभी छात्र- छात्राओं में अच्छे संस्कार एवं व्यवहार कूट-कूट कर भरे हैं। सभी छात्र-छात्रा अपने अपने पढ़ाई पर काफी ध्यान देते हैं। प्रत्येक दिन सफाई कर्मियों के द्वारा मेरे पूरे स्कूल का सफाई होती है। यही कारण है कि यहां कभी किसी प्रकार की गंदगी देखने को नहीं मिलती है।

पूरा विद्यालय काफी साफ-सुथरा एवं स्वच्छ रहता है। मेरा विद्यालय देखने में काफी हरा भरा लगता है। क्योंकि मेरे स्कूल के Ground के चारो ओर पेड़ एवं फूलों के पौधे लगे हुए हैं। यही कारण है कि यहां का वातावरण काफी स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक है। हमारे स्कूल के प्रधानाचार्य काफी सुयोग्य दक्ष एवं आध्यात्मिक प्रवृत्ति के हैं। वह पैशे से प्रधानाध्यापक होने के साथ-साथ एक स्वयं समाजसेवी संस्था में भी काम काम करते हैं तथा गरीब एवं बेसहारा लोगों की मदद करते हैं। हमारे स्कूल के प्रधानाध्यापक के अलावे यहां के सभी शिक्षक शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मी भी काफी समझदार और अच्छे हैं।

ये सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य कर्मी हमारे प्रधानाध्यापक महोदय का काफी सम्मान और आदर करते हैं। सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने अपने विषय में पूर्ण रूप से निपुण है। कुल 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं में 15 शिक्षिकाएं 25 शिक्षक हैं। प्रधानाध्यापक के अनुपस्थिति मे हमारे उप-प्रधान अध्यापक ही स्कूल की सभी कार्य-भार संभालते हैं। हमारे विद्यालय में अन्य विद्यालयों की तरह शिक्षक-शिक्षिकाओं के बीच किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होती है। वे सभी काफी अच्छी तरह से मिल-जुल कर रहते हैं। वे अपनी समयानुसार स्कूल आते हैं एवं नियमित रूप से हमें अलग-अलग विषय पढ़ाते हैं।

प्रत्येक शिक्षक और शिक्षिकाएँ अपने अपने विषय को काफी सरल तरीके से विद्यार्थियों को बताने की कोशिश करते हैं और बताते भी है। हमारे विद्यालय मे कक्षा 8 to12 तक के सभी विद्यार्थियों को अपने कक्षा में प्रोजेक्टर पर पढ़ाया जाता है। हमारे स्कूल में कार्यकुशल शिक्षक-समुदाय होने के कारण बोर्ड की परीक्षाओं में यहां के छात्र-छात्राओं का परीक्षाफल बहुत ही शानदार होता है। प्रत्येक वर्ष बहुत अधिक संख्या में लड़के-लड़कियां बोर्ड परीक्षा में प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में पास करते हैं और और असफल विद्यार्थियों का प्रतिशत बहुत ही कम होता है।

यहाँ के सभी शिक्षक एवं शिक्षिका हम सभी छात्रों से प्रेम करते हैं और हमेशा सभी विद्यार्थियों को सच्चे और अच्छे मार्गों पर चलने की सलाह देते हैं। हमें विभिन्न प्रकार के प्रतियोगिताओं एवं अन्य उत्सवों मे भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हमारे विद्यालय में कई अवसरों जैसे- शिक्षक दिवस, गणतंत्र स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती, आदि अवसरों पर वाद- विवाद प्रतियोगिता, डांस प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता, संगीत प्रतियोगिता, आदि का आयोजन किया जाता है। हमारे विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएँ इसमें काफी उल्लास के साथ हिस्सा लेते हैं।

हमारे विद्यालय (Essay on My School in Hindi) द्वारा आयोजित प्रत्येक प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को हमारे प्रधानाचार्य महोदय द्वारा पुरस्कृत किया जाता है एवं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को सांत्वाना पुरस्कार देते हैं और आगे बढ़ने के लिए उन्हें हौसला देते हैं। हमारे विद्यालय के कई छात्र-छात्रा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी भाग ले चुके हैं और ढेर-सारे Cup और मेडल जीत कर लाए हैं। यहां के सभी छात्र-छात्राओं की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, वह हमेशा कठिन से कठिन कार्यों मे सफलता पाने के लिए प्रयासरत रहते हैं। कभी घबराते नहीं है। यहां के सभी विद्यार्थी काफी सहनशील और परिश्रमी है। यही कारण है कि आज के इस आधुनिक दौड़ में भी मेरा विद्यालय अन्य विद्यालयों से भिन्न है।

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