Essay on Rat in Hindi/ About Rat in Hindi । चूहा के बारे में

Rat in Hindi / About Rat in Hindi (चूहा के बारे में) : Friend’s आज मैं कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए चूहा पर निबंध लिखी हूं; अर्थात चूहा के बारे में लिखी हूं।

इस निबंध के माध्यम से आज मैं आप सभी को चूहा के बारे (Information About Rat in Hindi) में विस्तृत जानकारी देने का प्रयास करूंगी। उम्मीद करती हूं, कि आज का यह निबंध आपके लिए उपयोगी होगा।

तो आइए चलते हैं, अपने मुद्दों की ओर और जानते हैं, चूहा के बारे (Rat in Hindi/ About Rat in Hindi) में कुछ अनकहे, अनसुने और रोचक बातें।

Rat in Hindi/ About Rat in Hindi। चूहा के बारे में

चूहा उन जीवों में शुमार है, जो दिखते तो काफी छोटे हैं, परंतु चंचल प्रवृत्ति के होते हैं। आमतौर पर यह सभी जगह पाया जाता है।

चूहा नामक यह छोटा-सा जीव उन जीवों में अपना स्थान रखता है, जो अक्सर घरों या मिट्टी में अपना घर बनाकर रहती है। हालांकि इसकी औसत आयु केवल 2 वर्ष का ही होता है।

इसकी महत्ता (Importance of Rat in Hindi) का अनुमान हम इन बातों से भी लगा सकते हैं, कि अक्सर रिसर्च (Experiment) में वैज्ञानिकों द्वारा चूहा नामक इस छोटे से जीव का ही उपयोग किया जाता है।

कई अन्य छोटे जीव-जंतुओं की तरह ही यह भी स्तनधारी जीव होता है। इसके मुंह के दोनों तरफ लंबी-लंबी मुंछे होती है, जो बहुत ही प्यारी लगती है। यह अपनी चंचलता और सुंदरता के कारण बहुत से लोगों का प्रिय बन जाती है।

यही कारण है. कि बहुत से लोग इसे पालना पसंद करते हैं, और पालते भी हैं। खासकर हमारे देश में तो यह अक्सर घरों और रेलवे स्टेशनों पर पाया जाता है।

यह छोटा-सा जीव वर्षों से हमारी पृथ्वी पर उपस्थित है। कई अन्य जीवो के सामान ही यह भी बच्चे को जन्म देती है, और उसे अपना दूध पिलाती है।

इस छोटे से जीव की यादाश्त क्षमता (Memory Power) कितनी अधिक होती है, इसका अनुमान हम इन बातों से ही लगा सकते हैं, कि यदि यह किसी चीज को खाकर एक बार चख ले या फिर किसी रास्ते से गुजरती है, तो वह उन्हें नहीं भूलती है।

अकेले रहने पर यह भयभीत एवं उदास हो जाते हैं। यही कारण है, कि यह झुंड में रहना पसंद करता है। इन्हें बिल्ली (Cat) से काफी डर लगता है। क्योंकि बिल्ली इन्हें अपने भोजन के रूप में खा जाती है।

अपने दांतो को आपस में रगड़कर एवं अपने आंखों के इशारे से यह अपनी खुशी का इजहार करती है। यह एक ऐसा जीव है, जिसका जन्म से लेकर मृत्यु तक दांत बढ़ते ही रहते हैं।

यह अपने दांतो को कंट्रोल रखने के लिए हमेशा पीसते और कुतरते रहते हैं। साथ ही इसके दांतो की धार भी काफी तेज होती है, जिसकी मदद से यह कपड़े, बोड़ा, शीशे, सीमेंट एलुमिनियम, किताब आदि जैसे सामानों को भी कुतर देते हैं।

हमारे मन में एक सवाल यह भी उठता है, कि आखिर यह चूहे सामानों को कुतरते क्यों है? और जब हम इसे जानने का प्रयास करते हैं, तो हमें पता चलता है, कि यह अपने दांतो को नियंत्रित रखने हेतु सामानों को कुतरते रहते हैं।

क्योंकि इसके संपूर्ण जीवन काल में इसके दांत बड़े होते रहते हैं, अर्थात बढ़ते रहते हैं। साथ ही प्रत्येक वर्ष इसके दांत 4 से 5 इंच बढ़ जाते हैं।

अगर यह बढ़ते रहे तो स्वाभाविक-सी बात है, कि इसके दांत मुंह से बाहर आ जाएंगे फलस्वरूप इन्हें खाने से लेकर अन्य कामों को करने में भी कठिनाई होगी।

यही कारण है, कि यह किसी भी चीज को कुतरते रहते हैं। जिसके कारण इसके दाँत नियंत्रण में रहता है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू तो यह है, कि अगर इसके दांत लगातार बढ़ते रहे तो इससे चूहा की मौत भी हो सकती है।

चुंकी उष्णकटिबंधीय क्षेत्र (Tropical Region) चूहा के लिए काफी अनुकूल होती है, यही कारण है, कि विशेष रूप से यह जीव उष्ण देशों में पाया जाता है।

इस छोटे से जीव की लोकप्रियता का अनुमान हम इन बातों से भी लगा सकते हैं, कि इस पर आधारित कई कहानियां भी हमें सुनने और पढ़ने को मिलती है। हमारे यहां चूहे का धार्मिक महत्व भी है, क्योंकि इन्हें भगवान गणेश का सवारी माना जाता है।

कई बार तो चूहे गोदाम की गोदाम को सफाया कर देते हैं। इतना ही नहीं यह तो अनेक बार (Several Time) कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी कुतर डालते हैं और हमें परेशानी में डाल देते हैं।

जिस प्रकार हम मच्छरों (Mosquitoes) को संसार से समाप्त करने में असक्षम है। ठीक उसी प्रकार चूहे नामक इस जीव के प्रजाति को भी पृथ्वी पर से समाप्त करना हमारे लिए असंभव है।

परंतु अगर यह संभव हो भी गया तो हमें ही कई परेशानियां उठानी पड़ेगी। क्योंकि अक्सर ड्रग्स और दवाइयों की प्रयोग के लिए वैज्ञानिक लोग चूहे का ही इस्तेमाल करते हैं।

जिसकी जांच हेतु चूहे की जरूरत होती है, तो स्वाभाविक सी बात है, कि अगर हमारे पृथ्वी पर पर्याप्त मात्रा में चूहे नहीं रहेंगे तो हमें कुछ समस्याओं का सामना करनी पड़ेगी।

इतना ही नहीं इसके अभाव में कई ऐसे अन्य जीव भी विलुप्त हो जाएंगे। जिसका मुख्य शिकार चूहा ही होता है। परिणामस्वरूप हमारे पारिस्थितिक तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।

चूहे के बारे (About Rat in Hindi) में  सबसे खास बात तो यह है, कि यह बिना पानी पिए ऊँट से भी ज्यादा दिनों तक जीवित रह सकता है। साथ ही चूहे की एक खूबी यह भी है, कि बिल्ली के तरह यह भी समुद्र का पानी पी सकती है।

अगर चूहा पानी में गिर जाए तो वह तैरकर आसानी से पानी से बाहर निकल आती है। इससे यह साबित हो जाता है, कि निश्चित रूप से चूहा पानी में तैरने में सक्षम होता है।

कई ऐसे बीमारियां हैं, जिसके पनपने का मुख्य वजह चूहा ही होता है। यथा- फ्लैग।

चूहे की दृष्टि क्षमता काफी कम होती है। यही कारण है, कि यह रंगों को भी सही ढंग से नहीं पहचान पाती है।

हालांकि इसके स्मरण शक्ति के साथ ही साथ सुंघने की शक्ति, श्रवण शक्ति अर्थात सुनने की शक्ति काफी तेज होती है। चूहे एक बार में एक से अधिक बच्चे को जन्म दे सकती है।

काफी ऊंचाई से कूदने पर भी इन्हें चोट नहीं आती है। चूहा एक ऐसा जीव है, जिसे पसीना नहीं आता है। मादा चूहा को चुहिया कहा जाता है, जबकि नर को चूहा कहा जाता है।

चूहे को पित्त की थैली नहीं होती है। साथ ही इन्‍हे उल्टी भी नहीं आती है। इतना ही नहीं कई ऐसे रिकॉर्ड हैं, जिसे चूहे ने अपने नाम कर रखा है। चूहे कुछ ही समय बाद अपनी आबादी को दोगुनी कर लेती है।

क्योंकि चूहिया में प्रजनन क्षमता काफी अधिक होती है। मनुष्‍य के अपेक्षा चूहे का दिल एक मिनट में अपेक्षाकृत अधिक बार धड़कता है। यह हमेशा उछल-कूद करते रहता है।

सबसे खास बात तो यह है, कि अपने जन्म के चंद दिनों बाद ही यह प्रजनन (Reproduction) के लिए परिपक्व हो जाते हैं। सामान्य तौर पर चूहे का औसत आयु दो वर्षों का ही होता है।

चूहा का शारीरिक बनावट (Body Structure of Rat in Hindi)

Body Structure of Rat in Hindi

चूहे को दो छोटी-छोटी चमकीली आंखें होती है, जिसकी रोशनी काफी कम रहती है। इसकी एक लंबी-सी पूछ होती है। साथ ही इसकी दो छोटी-छोटी कान भी होती है। जिसकी श्रवन शक्ति काफी तीव्र होती है।

चूहे के मुंह का आकार नुकीला होता है। चूहे के मुंह में 12 दांत होते हैं। इसके मुंह के दोनों और इन्हें मुंछ भी होता है। इसके चार पैर होते हैं और प्रत्येक में पाँच पंजे होते हैं।

इसके शरीर पर छोटे-छोटे घने बाल होते हैं। साथ ही इसके एक नाक भी होती है। जिसके सुनने की क्षमता काफी तीव्र होती है। यह अपने दोनो अगले पैर का प्रयोग अपने हाथ के रूप में करता है।

अब जहां तक चूहे के रंग (Color of Rat) की बात आती है, तो चूहे कई रंगों यथा- सफेद, स्लेटी, भूरा, काला आदि रंगों में पाया जाता है। सफेद रंग का चूहा दिखने में काफी सुंदर होता है।

यही कारण है, कि अक्सर घरों में हमें सफेद रंग के चूहे ही पालतू (Pet Rat) मिलते हैं। चूहे न सिर्फ पालतू बल्कि जंगली (Wild Rat) भी होते हैं।

साथ ही चूहे के शरीर का तापमान (Body Temperature Of Rat) 35.9 – 37.5°c तथा धड़कन की गति (Heart Rate) 330-480 Beats पर मिनट होता है। इसके अतिरिक्त इसके शरीर में रक्त की मात्रा (Blood Volume) 50-70 ग्रा होता है।

चूहा का भोजन (Food of Rat in Hindi)

सामान्य तौर पर चूहे के बारे (About Rat in Hindi) में  ऐसा माना जाता है, कि चूहे मांसाहारी एवं शाकाहारी दोनों होते हैं। कुल मिलाकर कहें तो चूहे सर्वाहारी पशुओं की श्रेणी में आता है।

क्योंकि जहां पालतू चूहे अनाज, सब्जी, फल, फूल, बीज, दूध आदि खाकर अपना पेट भरते हैं। वहीं जंगली चूहे कीड़े-मकोड़े आदि भी खाते हैं।

सबसे खास बात तो यह है, कि भोजन की पर्याप्त मात्रा न मिल पाने पर चूहे ही चूहे को खा जाते। हालांकि चॉकलेट, गाजर आदि। चूहे के प्रिय भोजनों (Favourite Food of Rat) में एक है।

चूहे की प्रजातियाँ (Species of Rat in Hindi)

दुनिया भर में चूहे की कुल 51 प्रजातियां पाई जाती है। जिनमें से कुछ के नाम निम्नलिखित हैं : भूरा चूहा (रैटस नॉरवेगिकस), काला चूहा (रैटस रैटस) आदि।

चूहा और मूषक में अंतर (Different Between Rat and Mouse)

हालांकि चूहे और मूषक में सामान्य तौर पर कुछ ज्यादा फर्क नहीं पाया जाता है। यही कारण है, कि कभी-कभी इन दोनों को एक ही समझा जाता है। परंतु कुछ चीजें हैं, जिसके आधार पर इसमें भिन्नता दर्शायी जाती है।

  • Mouse के अपेक्षा Rat का आकार बड़ा होता है।
  • चूहा का वजन मूषक के अपेक्षा अधिक होती है।
  • मूषक का कान चूहे कि तुलना में छोटी होती है।
  • चूहे की अपेक्षा Mouse के शरीर का रंग हल्का भूरा होता है।
  • मूषक के तुलना में चूहे को ज्यादा समझ होती है।

चूहे का निवास स्थान (Habitat of Rat)

सामान्य रूप से चूहा विश्व के सभी भागों में पाया जाता है। चूहे की सबसे बड़ी विशेषता (Characteristics of Rat) यह है, कि वातावरण के अनुसार यह अपने आप को ढ़ालने में काफी हद तक सक्षम होते हैं।

आमतौर पर यह जमीन के भीतर सुरंग बनाकर रहना पसंद करता है। इसके अलावे यह घरो, रेलवे स्टेशन आदि पर भी कहीं जगह बनाकर रहता है।

उपसंहार (Conclusion)

वास्तव में चूहा एक लोकप्रिय जीव है। जिन्हें लोग पालना पसंद करते हैं। कई कामों में यह हमारे लिए बहुत ही उपयोगी होता है। अतः हमें इस मूल्यवान जीव को बचाकर रखनी चाहिए।

5 Sentence About Rat in Hindi। चूहा के बारें में कुछ महत्पूर्ण तथ्य 

  • चूहा एक सर्वाहारी जीव है।
  • World के सबसे भारी चूहे का वजन 4 किलो है।
  • चूहे के प्रभाव से 35 बीमारियां फैल सकती है।
  • मादा चूहा का गर्भकाल 20-24 दिन का होता है।
  • सन् 1961 ई० में फ्रांस द्वारा सबसे पहला चूहा अंतरिक्ष भेजा गया था।

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